Title
अहा! अमोघ -रामबाण समान – गुरुवचन! यदि जीव तैयार हो तो विभाव टूट जाता है, स्वभाव प्रगट हो जाता है। अवसर चूकने जैसा नहीं है।
Series
Category
Medium
Size
Orientation
Artist
Completion Year
Bol