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Title

Shree Gyanarnav - Bol 59

इस लोक में राजाओं के यहाँ तो घड़ी का घंटा बजता है और शब्द करता है सो सब के क्षणिकपन को प्रगट करता है; अर्थात् जगत को मानो पुकारपुकार कर कहता है कि हे जगत के जीवों! जो कुछ अपना कल्याण करना चाहते हो शीघ्र ही कर लो, नहीं तो पछताओंगे। क्योंकि यह जो घड़ी बीत गई वह किसी प्रकार भी पुन: लौट कर नहीं आयेगी, इसी प्रकार अगली घड़ी भी जो व्यर्थ ही खो दोगे तो वह भी गई हुई नहीं लौटेगी।

क्रमांक ५९. श्री ज्ञानार्णव

Series

Vairagya Varsha

Category

Paintings

Medium

Oil on Canvas

Size

36" x 48"

Orientation

Landscape

Artist

Riaz Samadhan

Completion Year

07-Jan-2019

Bol

59