Title
जिसके ज्ञान रुप दर्पण में, स्पष्ट झलकते सभी पदार्थ।
आदि अन्त से रहित शान्त शिव, परम शरण मुझको वह आप्त॥२०॥
जिसके ज्ञानरूपी दर्पण में सभी पदार्थ अत्यन्त स्पष्ट रूप से झलक रहे हैं, जो आदि-अन्त से रहित शाश्वत है, शान्त है, शिव/कल्याण स्वरूप है, वह देव ही मुझे परम शरणभूत है।२०
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Shlok